ध्रुव राठी हिरासत से रिहा, पुलिस ने दी चेतावनी; जंतर-मंतर जाने पर दोबारा कार्रवाई की बात कही

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में शामिल होने पहुंचे यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत से रिहा कर दिया है। पुलिस ने उन्हें छोड़ते समय चेतावनी दी कि यदि उन्होंने दोबारा जंतर-मंतर जाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिए गए थे ध्रुव राठी

ध्रुव राठी को शनिवार सुबह उनके गुरुग्राम स्थित आवास से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल पर जाने से रोकने के बाद हिरासत में लिया था।

पुलिस का कहना था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। बताया गया कि पुलिस अधिकारियों ने पहले ध्रुव राठी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं माने तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

24 घंटे से पहले हुई रिहाई, लेकिन दी गई सख्त हिदायत

ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने के करीब 24 घंटे पूरे होने से पहले ही रिहा कर दिया गया। हालांकि, पुलिस ने रिहाई के दौरान उन्हें जंतर-मंतर से दूर रहने की हिदायत दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोबारा वहां पहुंचने का प्रयास करने पर फिर से कार्रवाई की जा सकती है।

जर्मनी से लौटने के बाद आंदोलन में शामिल होने का किया था ऐलान

हरियाणा में जन्मे ध्रुव राठी उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए थे, जहां इंजीनियरिंग के दौरान उन्होंने यूट्यूब कंटेंट क्रिएशन की शुरुआत की। वह राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं।

सीजेपी के गठन के बाद से ध्रुव राठी संगठन के समर्थन में नजर आए हैं। बताया गया कि वह सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरभ दास के संपर्क में रहे हैं।

8 अक्टूबर को बेंगलुरु में हुए सीजेपी प्रदर्शन से पहले ध्रुव राठी भारत लौटे थे। उन्होंने दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की थी। शुक्रवार शाम उन्होंने इंडिया गेट पहुंचकर एक वीडियो भी बनाया था।

सीजेपी के कई नेताओं और समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह, ध्रुव राठी समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया है। वहीं, सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया है।

सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन की ओर से प्रदर्शन की अगुवाई के लिए अधिकृत किए गए आजिंक्य शिंदे ने कहा कि रविवार को भी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा मुंबई के शिवाजी पार्क में भी जुटने की योजना है।

सीजेपी की मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं।

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